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इंदौर

इंदौर को बेंगलुरु - चेन्नई की राह पर जाने से रोकना हमारी जिम्मेदारी

  • 12 May 2022

 अगले 2 सालों में इंदौर ऐसा होगा कि लोग दूसरा शहर छोड़ कर यहां आएंगे -  पाल
 इंदौर । इंदौर नगर निगम के आयुक्त प्रतिभा पाल ने कहा है कि इंदौर को बेंगलुरु , चेन्नई की राह पर जाने से रोकना हमारी जिम्मेदारी है । अगले 2 सालों में इंदौर में जल संरक्षण की दिशा में इतना काम हो जाएगा कि लोग दूसरे शहरों को छोड़कर बसने के लिए इंदौर आएंगे ।
आज शाम यहां जाल सभा ग्रह में अभ्यास मंडल के द्वारा आयोजित 61 वी ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में जल संरक्षण विषय पर संबोधित कर रही थी । उन्होंने कहा कि पानी का संरक्षण करना इस समय की सबसे बड़ी मांग है । बड़े शहर चाहे चेन्नई हो या बेंगलुरु उनकी राह एक है और हमारा इंदौर भी उसी राह पर जा रहा है । इंदौर में कभी जमीन के अंदर 100 फीट पर पानी आ जाता था, आज 800 से 1000 फीट के बाद पानी आता है । निपानिया जैसे क्षेत्रों में दिसंबर के महीने में भी टैंकर से पानी भेजना पड़ता है । बारिश के मौसम में जो पानी आता है उसे बचाना और उसका संरक्षण करना हमारा दायित्व है ।
 उन्होंने कहा कि इंदौर एक ऐसा शहर है जो हर काम को दुनिया के दूसरे शहरों से पहले कर लेता है । इस समय दिल्ली में तीन तरफ कचरे के पहाड खड़े हुए हैं , जबकि इंदौर में आकर देखेंगे तो यहां कचरे का उद्योग चलता हुआ नजर आएगा । हमने इंदौर में कचरे के पहाड़ को 5 साल पहले ही खत्म कर लिया है । इंदौर के लोगों में विजन है । चाहे कोई भी काम हो इंदौर के लोग दिल से करते हैं ।
देश में जल बचाने के अभियान का नेतृत्व इंदौर करें
देश के प्रसिद्ध विशेषज्ञ चित्रकूट के उमा शंकर पांडे ने कहा है कि पूरे देश में जल बचाने के अभियान का नेतृत्व इंदौर को करना चाहिए । हमारे देश की जनता को पानी का अधिकार मिलना चाहिए और देश में पानी के मंदिर बनाया जाना चाहिए । गंगा जमुना के इस देश में पानी का कारोबार होना चिंताजनक है ।
पांडे आज यहां जाल सभा ग्रह में अभ्यास मंडल के द्वारा आयोजित 61 वी ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में जल संरक्षण में समुदाय की भागीदारी विषय पर संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि हमारे देश के अतीत में न्याय का आधार जल और वृक्ष हुआ करते थे । हमारे देश की हर सभ्यता नदी के किनारे विकसित हुई है । पूरे विश्व में होने वाली बीमारियों में 80त्न बीमारी अशुद्ध पानी के कारण होती है । हर दिन पूरे विश्व में 5000 बच्चे अशुद्ध पानी के कारण मर जाते हैं । हर जीव का जीवन जल पर निर्भर है।