Highlights

देश / विदेश

ईरान के आगे बेबस हुआ अमेरिका? पूर्व सैन्य अधिकारी बोले- भारतीय बंदरगाहों का लेना होगा सहारा

  • 05 Mar 2026

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका में जंग जारी है। इसी बीच अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल ने दावा किया है कि ईरान मजबूती से लड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई बेस तबाह हो गए हैं और युद्ध के लिए भारत और उसके बेस पर निर्भर रहना पड़ रहा है। हालांकि, इसे लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार या भारत ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 6 दिनों से खूनी संघर्ष जारी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना के पूर्व कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने चीन और रूस की तरफ से ईरान को मदद मिलने की बात कही है। उन्होंने कहा, 'चीन और रूस हर चीज पर नजर रखे हुए हैं और सरकार के साथ संपर्क में हैं। वो सैटेलाइट इंटेलिजेंस मुहैया करा रहे हैं, जिसकी वजह से कुछ सफलता (ईरान) को मिली है। खासतौर से इजरायल और हमारे अमेरिकी बेस पर मिली है।' उन्होंने कहा, 'हमारे सभी बेस तबाह हो गए हैं। हमारे हार्बर इंस्टॉलेशन तबाह हो गए हैं। असल में हमें भारत और भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर रहना होगा...। मुझे लगता है कि ईरान बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।'
ईरान के कुछ हमले टारगेट तक पहुंच सकते हैं, अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को स्वीकार किया कि ईरान के कुछ हवाई हमले अभी भी लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सैन्य सर्वोच्चता उसे इस्लामी गणराज्य के हवाई क्षेत्र पर तेजी से नियंत्रण करने में मदद कर रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास युद्ध के लिए पर्याप्त साजो सामान है।
ईरान पर इजरायल के साथ हमले शुरू करने के कुछ दिन बाद, हेगसेथ ने पेंटागन में संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना और सहयोगियों की सुरक्षा के लिए वायु रक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने में 'कोई कसर' नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब यह नहीं है कि हम सब कुछ रोक सकते हैं, लेकिन हमने यह पक्का किया कि हमला करने से पहले अधिक से अधिक रक्षा और प्रतिरक्षा तैयार किया जाए।'
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब इलाके में और ड्रोन या मिसाइल हमलों से सैनिकों को नुकसान हो सकता है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप और शीर्ष रक्षा अधिकारियों ने इस लड़ाई में और अमेरिकी लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है क्योंकि यह संघर्ष लंबा चल सकता है।
'अमेरिकी सैनिक खतरे में हैं'
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा, 'अमेरिकी सैनिक अभी भी खतरे में हैं, और हमें यह साफ पता होना चाहिए कि जोखिम अभी भी बहुत ज्यादा है।' रविवार को कुवैत में एक नागरिक बंदरगाह के बीचों-बीच एक अभियान केंद्र पर ईरानी ड्रोन हमले में छह सैनिक मारे गए, जो मुख्य सैन्य ठिकाने से मीलों दूर है। रविवार को कुवैत के बंदरगाह के बीचों-बीच एक अभियान केंद्र पर ईरानी ड्रोन हमले में छह सैनिक मारे गए।
साभार लाइव हिन्दुस्तान