वेंटिलेटर पर थे, १९ दिनों के इलाज के बाद एयर लिफ्ट से मॉरीशस पहुंचाया
इंदौर। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भाग लेने आए मॉरीशस के एक बुजुर्ग बिजनेसमैन का गंभीर हालत में इंदौर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में १९ दिन इलाज चला। इस दौरान वे वेंटिलेटर पर थे। उन्हें कई प्रकार की बीमारियां थी। यहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचा ली। दो दिन पहले उन्हें एयर लिफ्ट कर मॉरीशस पहुंचाया गया है।
मामला प्रवासी भारतीय सम्मेलन के पहले दिन ८ जनवरी का है। यहां विजय नगर क्षेत्र की एक होटल में ठहरे मॉरीशस से आए एनआरआई जयंत दत्ता सदासिंह (७१) की रात को अचानक तबीयत बिगड़ी तो उन्हें पास ही के भण्डारी हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर में एडमिट किया गया था। उस दौरान उनका औक्ससीजन सेचुरेशन लेवल ७०त्न रह गया था। उन्हें सीवियर हाइपरटेंशन और सीने में दर्द की शिकायत तो थी ही, शुगर भी काफी बढ़ी हुई थी। यह बी पता चला कि उन्होंने दवाइयां भी नहीं ली थी जिसके चलते उनकी हालत और ज्यादा बिगड़ी। इस पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। इस दौरान उनकी हालत काफी नाजुक थी।
अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. महक भंडारी के निर्देशन में डॉ. आरके. झा, डॉ. सपना पांडेय. डॉ. राहुल जैन और डॉ. हरीश सोनी की टीम ने १९ दिनों तक २४ घंटे लगातार उसका पूरा ध्यान रखते हुए हर जरूरी ट्रीटमेंट करते हुए उन्हें सकुशल बचा लिया गया। गणतंत्र दिवस के दिन उन्हें तमाम जरूरी एहतियात के साथ मॉरीशस भेज दिया गया।
कॉम्प्लीकेटेड हो गया था केस
डॉ. भंडारी ने बताया कि मरीज को हाइपरटेंशन समेत सेहत संबंधी अनेक दिक्कतें होने के कारण केस बहुत कॉम्प्लीकेटेड हो गया था। उनके ब्रेन सेंसेटिव हिस्से में खून का थक्का जम गया था। डॉ. भंडारी कहते हैं कि यूं तो हमने मरीज को बाकी दूसरे मरीजों की ही तरह बचाने की हर संभव कोशिश की और सफल भी रहे। इस दौरान हमारे मन में यह बात हमेशा रही कि पेशेंट इंदौर में हो रहे प्रवासी भारतीय सम्मेलन में हिस्सा लेने आया है। इसमें देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर कई बड़ी-बड़ी हस्तियां शिरकत कर रही हैं। ऐसे में पेशेंट की जान बचाना और भी महत्वपूर्ण हो गया था क्योंकि इससे इंदौर के चिकित्सा जगत का नाम और सम्मान भी जुड़ गया था।
इंदौर
एनआरआई सम्मेलन में गंभीर बीमार बुजुर्ग की जान बचाई
- 30 Jan 2023



