खरगोन. खरगोन शहर के बिस्टान नाका तिराहा पर स्थापित जननायक टंट्या मामा भील की आदमकद प्रतिमा को लेकर हुआ विवाद अब भ्रष्टाचार के बड़े खुलासे में बदल गया है. कागजों पर 'धातु या पत्थर' की मूर्ति का आदेश देकर मौके पर 'फाइबर' की मूर्ति लगा दी गई, जिसका लोकार्पण भी वीआईपी अतिथियों से करा लिया गया. मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया. मामले की पुष्टि होते ही जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने कड़ा रुख अपनाते हुए मूर्ति को तत्काल बदलने और दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. परिषद में निर्णय लिया है कि दोबारा धातु की मूर्ति लगाएंगे.
24 सितंबर 2025 को नगरपालिका परिषद ने 40 लाख रुपये के सौंदर्यीकरण कार्य की स्वीकृति दी, जिसमें मूर्ति स्थापना शामिल थी. 9 लाख 90 हजार रुपए में मूर्ति क्रय का टेंडर जारी हुआ. कलेक्टर के साफ निर्देश थे कि प्रतिमा पक्के पत्थर या धातु की होनी चाहिए.
15 नवंबर 2025 को विधायक बालकृष्ण पाटीदार और कलेक्टर भव्या मित्तल ने अनजाने में इसी फाइबर की मूर्ति का लोकार्पण कर दिया. कांग्रेस के शिकायती आवेदन और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद जब जांच हुई, तो पता चला कि मूर्ति संगमरमर या धातु की नहीं, बल्कि सस्ते फाइबर की है.
मामला उजागर होते ही जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने नाराजगी जाहिर करते हुए दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद नगरपालिका की PIC (प्रेसिडेंट इन काउंसिल) की आपात बैठक बुलाई गई: संबंधित ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.
घिरते देख ठेकेदार ने लिखित में माफी मांगी है और अब वह उस फाइबर मूर्ति को 'दान' में देने की बात कह रहा है ताकि भुगतान की कानूनी कार्रवाई से बच सके. नगरपालिका अब दोबारा टेंडर बुलाकर धातु की प्रतिमा स्थापित करेगी.
पूर्व विधायक और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष रवि जोशी ने इसे सीधे तौर पर टंट्या मामा का अपमान और बड़ा भ्रष्टाचार करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि 10 लाख रुपए के टेंडर के बदले मात्र 50 हजार रुपए की फाइबर मूर्ति लगा दी गई. अब अधिकारियों को बचाने के लिए 'दान-पत्र' लिखवाकर लीपापोती की जा रही है. कांग्रेस ने मांग की है कि केवल ठेकेदार नहीं, बल्कि उन इंजीनियरों और अधिकारियों पर भी FIR हो जिन्होंने बिना जांच के मूर्ति की फिटिंग कराई.
नगरपालिका सीएमओ कमला कौल का कहना है कि ठेकेदार ने अपनी त्रुटि स्वीकार की है. पीआईसी के निर्णय के अनुसार अब धातु की मूर्ति लगाई जाएगी और दोषी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय जांच शुरू की जा रही है.
साभार आज तक
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खरगोन में बड़ा खेल: कागजों पर धातु, मौके पर फाइबर; टंट्या मामा की मूर्ति के नाम पर लाखों का भ्रष्टाचार!
- 14 Jan 2026



