स्वामी अवधेशानंद ने भक्तों को दी मंत्र दीक्षा, आध्यात्मिक महोत्सव में किया संबोधित।
इंदौर। महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी के सानिध्य में देवशयनी एकादशी पर गुरुवार को दस्तूर गार्डन रिंग रोड पर आध्यात्मिक महोत्सव आयोजित किया गया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए गुरु भक्तों के मंत्र दीक्षा दी। उन्होंने इस मौके पर गुरु और शिष्य के लिए मंत्र दीक्षा का महत्व बताया।
उन्होंने सत्संग में संबोधित करते हुए कहा कि रामजी की सेवा के लिए शिवजी हनुमान बन गए। इस तरह ब्रह्मा जी ने वाल्मीकि बनकर पूरी रामायण लिख दी। पार्वती ने शिवजी से सवाल पूछा की निशाचर कौन है तो उन्होंने जवाब दिया जो माता-पिता का सम्मान नहीं करता, उनकी बातों की अवहेलना करता है, वह निशाचर है।
भगवान कहते हैं उनका मन नारद, संत और आचार्य के पास रहता है। इसलिए जब कोई संत आपसे कुछ कहे तो आप समझे की भगवान आपसे कुछ कह रहे हैं। मनुष्य की मूल प्रकृति करुणा की है।
आध्यात्मिक व्यक्ति कभी भी कन्या के घर आने पर विचलित नहीं होता। एक पुत्री दस पुत्रों के बराबर होती है। आध्यात्मिक प्रकाश में अंधेरा और छोटापन नहीं रहता है। उनकी वाणी सुनने के लिए बरसते पानी सैकड़ों लोग जुटे। प्रभु प्रेमी संघ के सुशील बेरीवाल ने बताया कि स्वामीजी 30 जून को दिल्ली विमान से जाएंगे।
इंदौर
पुत्री के घर आने पर आध्यात्मिक व्यक्ति विचलित नहीं होता
- 30 Jun 2023



