दीदी की "आशा" :
बचपन में वह अपनी माँ को डराने के लिए अजीब तरह के गाने गाती थीं, जिसे उनकी माँ भूतिया आवाज़ समझकर डांटती थीं।
दीदी की "आशा" :
वह बहुत ही ऑब्जर्वेंट रही। वह फिल्मों में अभिनेत्रियों की बॉडी लैंग्वेज और आवाज को नोट करती थीं और फिर वैसी ही आवाज़ निकालकर गाना रिकॉर्ड करती थीं।
दीदी की "आशा" :
यह एक अनजाना तथ्य है कि उन्हें फिल्म 'साज़' (Saaz) में गाए गए गानों के लिए सबसे बड़ा सम्मान मिला था, लेकिन वे गाने कभी स्क्रीन पर किसी अभिनेत्री पर फिल्माए ही नहीं गए।
दीदी की "आशा" :
वह पहली भारतीय गायिका थीं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय कलाकारों (जैसे क्रोनोस क्वार्टेट, बॉय जॉर्ज) के साथ काम किया और पॉप/फ्यूजन म्यूजिक को भारतीय फिल्मों में लाईं।
दीदी की "आशा" :
उन्हें नॉन-वेज खाना बहुत पसंद है। उनके करीबी लोग उनके हाथ के कबाब और पाया कढ़ी (Paya Curry) की बहुत तारीफ करते हैं। आशा जी को खाना बनाने का बहुत शौक था और वह एक बेहतरीन शेफ थी। उन्होंने दुबई, कुवैत और यूके जैसे कई देशों में 'Asha’s' नाम से रेस्टोरेंट्स की श्रृंखला (chain) शुरू की।
आशा भोसले (आशा जी) ने बॉलीवुड में 15,000 से अधिक गाने गाए हैं और उनकी आवाज़ ने दशकों तक संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया है। उनके बेहतरीन गानों में से किसी 10 को चुनना कठिन है, लेकिन लोकप्रिय मांग और सदाबहार गानों की सूची में ये 10 गाने शीर्ष पर आते हैं:
दम मारो दम (हरे रामा हरे कृष्णा)
इन आंखों की मस्ती (उमराव जान)
चुरा लिया है तुमने जो दिल को (यादों की बारात)
सजना है मुझे सजना के लिए (सौदागर)
दीवाना हुआ बादल (कश्मीर की कली)
ईशारों ईशारों में (कश्मीर की कली)
आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा (तीसरी मंजिल)
पिया तू अब तो आजा (कारवां)
रात अकेली है (ज्वेल थीफ)
कह दूँ तुम्हें या चुप रहूँ (दीवार)
अंततः आशा भोसले का जीवन अनुशासन, साहस, और लगातार खुद को बदलने (reinvention) का एक शानदार उदाहरण है। श्रद्धासुमन समर्पयामि ???? #पुष्प
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दीदी की "आशा" :
- 13 Apr 2026



