400 करोड़ के काम होंगे, नए सिरे से बनेगा प्रस्ताव
इंदौर। शहर के पश्चिम क्षेत्र एमओजी लाइंस में निगम 100 शासकीय बाधकों को हटाएगा। यहां 400 करोड़ के काम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किए जाएंगे। बाधक हटाने के लिए निगम को कोर्ट की शरण लेना पड़ी थी। कोर्ट के आदेश के बाद बाधकों को हटाने की योजना बनाई। इसके पहले बाधकों को विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रोजेक्ट के कामों के लिए नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
छह साल पहले पूर्व महापौर मालिनी गौड़ ने यहां स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में आवासीय और व्यावसायिक इमारत, बगीचा, पार्किंग, सड़क, खेल संकुल, आडिटोरियम व अन्य विकास कार्य की स्वीकृति दी थी। स्वीकृति के बाद काम शुरू नहीं हो सका। इसकी मुख्य वजह, यहां 20 से अधिक शासकीय कार्यालय व 80 के आसपास शासकीय आवास होना है। शासकीय आवास और विभाग को हटाने के लिए शासन स्तर तक निगम ने प्रयास किए, मगर सफलता नहीं मिली।
जगह का अभाव, बढ़ी चिंता
कोर्ट के आदेश के बाद निगम ने यहां से बाधकों को हटाने की तैयारी तो कर ली है, लेकिन उन्हें कहां विस्थापित किया जाएगी, इसकी चिंता सता रही है। पूर्व में जितने बाधक शहर के अन्य इलाकों से हटाए गए, उन्हें तो निगम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैटों में भेज दिया, लेकिन एमओजी लाइंस के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को इन फ्लैटों में जगह नहीं दी जाएगी। यहां के शासकीय विभागों को भी अन्यत्र संचालित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
इंदौर
एमओजी लाइंस के शासकीय बाधक हटाएगा निगम
- 28 Nov 2022



