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इंदौर

डार्कनेट से खरीदा अमेरिकी नागरिकों का डेटा, हवाला के जरिये भारत आया पैसा

  • 29 Jun 2022

इंदौर । सोशल सिक्येरिटी नंबर (एसएसएन) अधिकारी बन अमेरिकी नागरिकों से सौ करोड़ रुपये ठगने का आरोपित करण भट्ट डार्कनेट से अमेरिकी नागरिकों का डेटा खरीदता था। धमका कर वसूली गई राशि चीन, हांगकांग, पेरू के फर्जी खातों में जमा करवाकर हवाला के जरिये भारत मंगवाई जाती थी। करण ने हवाला और ठगी में शामिल दो आरोपितों के नाम भी बताए।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) राजेश हिंगणकर के मुताबिक करण भट्ट पुष्पक अपार्टमेंट घोड़ासर (अहमदाबाद) की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम था। नवंबर 2020 में करण सहित 22 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। आरोपित ओके सेंट्रल बिल्डिंग (निपानिया) में याशी इन्फोटेक के नाम से फर्जी काल सेंटर चलाता था। मंगलवार को उसे जिला कोर्ट पेश कर रिमांड पर लिया गया।
उसने बताया कि फरारी के दौरान दिल्ली, पंजाब, गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र में रहा। तीन महीने पूर्व साझेदार हर्ष भावसार के साथ आइटी पार्क चंडीगढ़ में काल सेंटर खोला। आरोपित व उसके कर्मचारी एसएसएन अफसर बनकर साउथ अमेरिकी नागरिकों से राशि ले रहे थे।
डीसीपी (अपराध) निमिष अग्रवाल के मुताबिक करण ने बताया कि उसने डार्कनेट से अमेरिकी नागरिकों का डेटा खरीदा था। आरोपित आइबीन साफ्टवेयर की मदद से कैलिफोर्निया, न्यूयार्क, वर्जीनिया, ओहियो, जार्जिया जैसे बड़े शहरों में इंटेरनेशनल काल करता था। टैक्स्ट टू स्पीच वेबसाइट के माध्यम से वायस मैसेज भेजता था। काल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी खुद को एसएसएन अफसर बताकर बात करते थे।
उन्हें ड्रग ट्रैफिकिंग, चेक फ्राड, बैंक फ्राड, आइडेंटिटी थेप्ट जैसे मामलों में संलिप्त बताकर डालर के रूप में वसूली करता था। इस राशि को चीन, हांगकांग, पेरु के फर्जी खातों में जमा किया जाता था, जो वात्सल्य मेहता मुहैया करवाता था। वात्सल्य हवाला के जरिये करण व उसके पार्टनर हर्ष भावसार को रुपये देता था।
ठगी के तीन चरण
कालर : कर्मचारी संदीप, यश प्रजापति, हिमांशु सांचला, अक्षत सांचला, चंचल मिश्रा अमेरिकी नागरिकों को काल कर अलग-अलग अपराधों में संलिप्त होने की धमकी देते थे। मैनेजर जोशी वट्टपरबिल फ्रांसिस सपोर्ट करता था।
क्लोजर : आरोपित मेहुल पटेल जुर्माने की धमकी देकर प्रकरण बंद करता था। समझौते की राशि चीन, हांगकांग और पेरु के खातों में जमा करवाई जाती थी।
मनी ट्रांसफर : आरोपित वात्सल्य विदेशी खातों में जमा राशि हवाला के जरिये भारत मंगवाता था। 30 से 40 प्रतिशत कमीशन लेकर करण और हर्ष को देता था।