Highlights

इंदौर

बारिश ने खोल दी पोल, निकासी की व्यवस्था नहीं होने से कई जगह बने तालाब

  • 24 Jun 2022

इंदौर। मौसम में आए परिवर्तन के बाद जून में बारिश ने अपनी आमद तो दे दी है लेकिन अभी भी तेज बारिश के बजाय रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार को हल्के फुहारों के बाद गुरुवार को अचानक दोपहर में मौसम बन गया। दोपहर बाद छाए काले-घने बादलों ने शाम होते गी बरसना शुरू कर दिया। कुछ इलाकों में तेज तो कुछ इलाकों में रिमझिम बारिश हुई। बुधवार को भी दोपहर के समय कुछ इलाकों में रिमझिम बारिश हुई थी।जानकारी के अनुसार शाम साढ़े 5 बजे से लेकर रात साढ़े 8 बजे तक कुल दो इंच पानी गिरा जिसके चले मौसम में ठंडक घुल गई।
15 जून से बारिश का खाता खुल गया है, लेकिन इंदौर के खाते में अब तक नाम मात्र की ही बारिश आई है। प्री-मानसून और मानसून की अवधि में अब तक एक भी लंबी अवधि यानी एक से दो घंटे की लगातार बारिश पूरे शहर में नहीं हुई है। जून में पानी गिरने के औसत छह दिन माने जाते हैं। इस बार 15 जून के बाद कुछ ही दिन पानी रुक-रुक कर गिरा है। हालाकि गुरुवार को आई बारिश ने कई जगहों पर तेजी से तथा कहीं रिमझिम बरसना शुरु कर दिया जिससे निकलने वालों को परेशानी उठानी पड़ी। शहर के कई जगहों पर पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलजमाव की स्थिति देखने को मिली।
मुख्य मार्गों पर भरा पानी
देखने को तो ये बारिश महज आधे घंटे की भी नहीं थी लेकिन जहां पर भी तेज पानी गिरा वहां अव्यवस्था जैसे हाल कर दिए। शहर में निगम के द्वारा पानी की निकासी के लिए लाइन डालने के दावे किए जाते हैं लेकिन कई जगहों पर नालियों के चोक होने से पानी बाहर ही बहता रहा। सरवटे बस स्टेंड के आसपास यही स्थिति देखने को मिली इसके अलावा कई मार्गों पर सड़क पर तालाबों जैसी स्थिति निर्मित हो गई।
बीआरटीएस के भी यही हाल
बीआरटीएस को शहर की सबसे उन्नत सड़क होने का दावा किया जाता है लेकिन बारिश के समय यहां की व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है। राजीव गांधी चौराहे से लेकर निरंजनपुर तक बने बीआरटीएस पर पानी निकासी के लिए लाइन डालने में हुई गलतियों के कारण हर साल तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। जरा सी बारिश में ही कई जगहों पर घुटने-घुटने पानी भर जाता है लेकिन अभी तक यहां की व्यवस्था को सुधारने का काम नहीं किया गया।