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इंदौर

घर-घर में हो रही नागदेवता की पूजा

  • 02 Aug 2022

नागपंचमी पर मंदिरों में भीड़, कुम्हार खाड़ी में मेला, कुश्ती दंगल का आयोजन भी
इंदौर। नागदेवता की पूजा- अर्चना को लेकर ख्यात नागपंचमी का त्यौहार आज पूरे शहर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन सुबह से शहर के नागमदिरों तथा नागदेवता के स्थानों पर दूध का भोग लगाया जाता है तथा दान आदि किया जाता है। हालांकि इस दिन नागदेवता को दूध पिलाने की परंपरा भी है लेकिन वन विभाग की सख्ती से सपेरों का यह काम भी चौपट हो चला है। नागपंचमी के चलते मंदिरों में दोहरी भीड़ देखने को मिल रही है। इस दौरान कुम्हारखाड़ी में मेले का आयोजन किया गया है वहीं कुश्ती दंगल का आयोजन किया जाएगा।
सावन के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नागपंचमी का त्योहार होता है। इस दिन नाग देवता के 12 स्वरूपों की पूजा की जाती है। नागपंचमी मनाने के पीछे कई प्रचलित कहानियां हैं। ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के बाद जो विष निकला उसे पीने को कोई तैयार नहीं था। अंतत भगवान शंकर ने उसे पी लिया। भगवान शिव जब विष पी रहे थे तब उनके मुख से विष की कुछ बूंद नीचे गिरी और सर्प के मुख में समा गई। इसके बाद ही सर्प जाति विषैली हो गई। सर्पदंश से बचाने के लिए ही इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। नागपंचमी पर परंपरा के अनुसार सांप को दूध पिलाने के साथ ही द्वारा सर्प का पूजन  किया जाता है। नागपंचमी के दिन सुबह से शहर के नाग मंदिरों तथा अन्य शिव मंदिरों में सुबह से ही पूजा-पाठ का दौर शुरू हो गया।
सपेरों पर नजर
सापों को पिटारे में रखने पर प्रशासन ने रोक लगा रखी है इसके बावजूद सपेरों द्वारा सांपों को लेकर घूमते दिखा जाता है। आज के दिन इनकी अधिक तादात रहेगी क्योंकि घर-घर दूध पिलाने के साथ-साथ अधिक दान मिलेगा। इनको लेकर आज जिला प्रशासन व वन विभाग की टीम शहर में घूमकर नजर रखेगी तथा कार्रवाई करेगी।  इससे काम जुड़े कई लोग  तो पहले ही दूसरो काम में लग गए तथा कुछ ही इस तरह चोरी छिपे सांप लेकर घूमते हैं।