महापौर व निगम आयुक्त ने किया दौरा, जल्द काम शुरू करने के निर्देश
इंदौर। स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा पश्चिमी क्षेत्र में बनाई जा रही गंगवाल बस स्टैंड से सरवटे बस स्टैंड तक की रोड का शुक्रवार सुबह महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने निरीक्षण किया। गौरतलब है कि सड़क का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो गया है लेकिन अभी सड़क के कुछ हिस्सों में धार्मिक स्थल न हटने कारण सड़क अधूरी है। शुक्रवार को निगम के अफसरो व जनप्रतिनिधियो ने धार्मिक स्थलों के संचालकों से चर्चा कर उन्हें अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के लिए चर्चा की। वे इस कवायद में जुटे हैं ताकि रोड का बचा हुआ काम जल्द पूर्ण हो सके।
स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा वर्ष 2018 में इस रोड के चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया गया था। 32 करोड़ की लागत से 1.7 किलोमीटर की सड़क तैयार की गई है। वर्तमान में इस रोड पर करीब 11 धर्म स्थलों को हटाया जाना बाकी है, इनके न हटने के कारण अभी सड़क के इन हिस्सों में सीवरेज लाइन डालने का बाकी है। स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा फोरलेन की इस सड़क में अंडरग्राउंड केबल डाली गई है। इस वजह से इस रोड पर विद्युत पोल पर तारों का जाल नहीं दिखाई दे रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि सात दिन में मच्छी बाजार रोड पर वाहन चालकों की आवजाही के लिए शुरू करने के निर्देश दिए।
पांच साल से अधिक समय हो गया
गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा शहर के पश्चिमी और मध्य हिस्से में एमजी रोड के साथ गंगवाल से सरवटे बस स्टैंड सहित आधा दर्जन से ज्यादा सड़कों का विकास किया गया है। पहले जहां पर यहां संकरी सड़कें दिखाई करती थी, वहीं अब काफी चौड़ी सड़कें बन गई है, जिसके कारण इस क्षेत्र के व्यापार को भी गति मिली है। हालाकि सरवटे टू गंगवाल सड़क स्मार्ट सिटी योजना के तहत चालू की गई पहली सड़कों में से एक है। शुरुआती दिनों में तो इसका काम काफी तेजी हुआ और सरवटे से लेकर हाथीपाला चौराहा तक 15 दिन में ही सड़क बना दी गई लेकिन बाद में काम अधर में लटका दिया।
राजनैतिक कारण भी आड़े आते रहे
हाथीपाला चौराहा से लेकर चंद्रभागा तक की सड़क का काम शुरुआत के बाद से ही ठप हो गया था। विकास की चाह में कई लोगों ने अपने बाधकों को पहले ही पीछे हटा लिया था लेकिन बाद में कभी सेंटर लाइन का विवाद तो कभी राजनैतिक दबाव के चलते ना तो यहां से बचे हुए बाधक हटे ना सड़क पूरी हो पाई। हालाकि नए महापौर के आने के बाद यहां थोड़ी उम्मीद जरुर रहवासियों में बंधी है क्योंकि सुबह से शाम तक यहां जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। राजनैतिक दबाव के चलते यहां दो विधायक बदलने तक भी काम पूरा नहीं हो पाया है।
इंदौर
पांच सालों से अधूरा पड़ा सरवटे टू गंगवाल रोड़, फिर काम शुरु करने की कवायद
- 15 Oct 2022



