Highlights

इंदौर

फर्जी रजिस्ट्री से लिया 20 लाख का लोन, दंपती को तीन साल की सजा

  • 17 Mar 2023

इंदौर। फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर 20 लाख रुपये का लोन लेने वाले आरोपितों को विशेष न्यायालय ने तीन-तीन वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपितों पर 11-11 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
मामला करीब 12 वर्ष पुराना है। 24 अगस्त 2011 को सेंट्रल बैंक आफ इंडिया मिल एरिया ब्रांच के मुख्य प्रबंधक के सुरेश ने आरोपित पति-पत्नी मोहन यादव और मोना यादव के विरुद्ध फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर लोन लेने की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल में दर्ज कराई थी। जांच के बाद अभियुक्तगण के विरुद्ध धारा 120 बी, 406, 409, 467, 468 भादंवि के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया।
अभियुक्तगण मोहन यादव एवं मोना यादव ने स्कीम 54 विजय नगर इंदौर स्थित भूखंड क्र. 66-ईएच पर फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर कई बैंकों से आवास लोन प्राप्त किया था। इसी तारतम्य में उन्होंने सेंट्रल बैंक आफ इंडिया मिल एरिया शाखा से भी फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर 20 लाख रुपये का लोन ले लिया। गुरुवार को विशेष न्यायालय ने प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए आरोपित मोहन यादव और मोना यादव को तीन-तीन वर्ष का कठोर कारावास और 11-11 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ज्योति गुप्ता ने पैरवी की।