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इंदौर

वन स्टॉप सेंटर, इंदौर ने परिवार को एक किया : एक मां और पत्नी की भूमिका में एक महिला ने परिवार को आर्थिक सशक्त करने में भी भूमिका निभाई

  • 12 Nov 2022

इंदौर। दिनांक 27/8/22 को कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई  में एडीएम महोदय श्री राजेश राठौर सर के पास पीड़िता आशा (परिवर्तित नाम) द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया था । एडीएम सर द्वारा पीड़िता की पूरी बात ध्यान से सुनी और उसके समधन हेतु आश्वस्त भी किया। आशा की समस्या पारिवारिक होने से एडीएम साहब ने महिला बाल विकास विभाग के कार्यलय वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक डॉ वचना सिंह परिहार को बुलाकर प्रकरणका निराकरण कर प्रतिवेदन हेतु आदेशित किया।प्रशासक द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए महिला की समस्या सुना तब पीड़िता ने बताया कि उनके पति वसंत (परिवर्तित नाम) और बेटे राजू(परिवर्तित नाम) , आशा के साथ मारपीट एवं गाली गलोच करते हैं।  बेटे और पति  को जरूरत पढ़ने पर आशा ने समूह से दो बार लोन लिया था। परंतु लोन की राशि मिलने के बाद लोन का भुगतान पति और बेटे द्वारा अदा नही किया जाता हैं। इस कारण आशा का बेटे और पति से विवाद रहता हैं। आशा  सिलाई का काम कर पति का साथ देती है। पर अब उनसे काम नही होता। जिस कारण वे स्वयं लोन का भुगतान चुका नही सकती है। पारिवारिक विवाद होने के कारण आगामी कार्यवाही हेतु प्रशासक द्वारा प्रथमतः परामर्श हेतु सभी को वन स्टॉप सेंटर सखी केंद्र इंदौर बुलाया। पीड़िता आशा  को सखी केंद्र बुलाया गया , पीड़िता के पति एवं बेटे को भी बुलाया गया । उनके द्वारा बताया गया कि समूह से लिए लोन का 1/4 हिस्सा ही बेटे द्वारा लिया गया बाकी बचा हिस्सा आशा द्वारा स्वयं के मायके में दिया गया । बेटे द्वारा लोन की राशि चुकाने से मना किया गया। दोनो पक्षों के मध्य परामर्श किया गया जिस दौरान बेटे ने लोन की रिक्त राशि अदा करने के लिए सहमति  जताई एवं आशा को एक भी अपशब्द ना कहने एवं आगे से कोई भी दुर्व्यवहार आशा के साथ ना करने का कहा गया । 15 दिन बाद आशा द्वारा पुनः कार्यालय में कॉल कर बताया गया की वो पुनः परामर्श अपने पति के साथ चाहती है । आशा के निवेदन पर आशा एवं उनके पति के मध्य परामर्श किया गया । परामर्श पूर्व आशा के द्वारा बताया गया की उनके पति द्वारा शराब का सेवन घर में गाली गलौच एवं झगड़ा किया जाता हैं। शारीरिक संबंध का दबाव दिया जाता है। पीड़िता के पति को परामर्श के दौरान समझाया गया उनका कहना था की आशा काम से लौटने पर झगड़ा करती है एवम दोनो के मध्य पुरानी बातो को लेकर झगड़ा होता   हैं। परामर्श उपरांत दोनो पक्षों में सुलह वार्ता हुई की पीड़िता पुरानी बातो को लेकर झगड़ा नहीं करेगी एवम उनके  पति नशे की आदत कम कर गाली गलोच और झगड़ा नहीं करेंगे । साथ ही अगर पीड़िता नही चाहेगी तो वह जोर जबरदस्ती पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाएंगे। परामर्श उपरांत पीड़िता द्वारा बताया गया की पूर्व परामर्श सत्र के बाद से लोन की राशि उनका बेटा अदा कर रहा है और अगर घर में विवाद होता है तो उनका बेटा उनके पति को समझाने आता हैं। और विवाद को शांत करता है। इस प्रकार से एडीएम राजेश राठौर सर एवम जिला कार्यक्रम अधिकारी महोदय श्री रामनिवास बुधौलिया सर के मार्गदर्शन में वन स्टॉप सेंटर इंदौर द्वारा पीड़िता की समस्या का समाधान किया गया।महिला आज अपने परिवार के साथ खुश है ।