इंदौर। शिक्षकों को लेकर प्रदेश में भारी कमी है। बावजूद इसके शिक्षकों से शैक्षणिक कार्यों के अलावा भी अन्य कार्य करवाए जाते हैं। जैसे चुनाव में ड्यूटी, मतदातों सूची अपडेट व अन्य सरकारी योजनाओं के लिए जानकारी जुटाना शामिल है। फिर भी एक शिक्षक अपने बच्चों को पढ़ाना नहीं छोड़ता है। यह बात प्रो. राजीव शर्मा ने कहीं। शासकीय अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा शासकीय मालवा कन्या हा.से स्कूल में शिक्षक रत्न अवार्ड समारोह रखा गया। जहां विभिन्न स्कूलों के 24 शिक्षक को सम्मानित किया गया, जिसमें अलग-अलग विधाओं में शिक्षकों का चयन किया गया।
जिला परियोजना अधिकारी अक्षय सिंह राठौर का कहना है कि नई शिक्षा नीति आने के बाद शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी आ चुकी है। पहला विद्यार्थियों को नई नीति अनुरूप पढ़ाना है। साथ ही खुद को नीति समझने की जरूरत है। तभी छात्र-छात्राओं को शिक्षा बेहतर ढंग से दे सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार अपने स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षित करने में लगा है। राठौर ने कहा कि निश्चित ही सरकारी स्कूलों में स्टाफ कम है, लेकिन शिक्षकों ने सभी व्यवस्थाएं बखूबी संभाल रखी है। उनकी बदौलत ही विद्यार्थियों को पढ़ाने के अलावा अन्य गतिविधियों में भी आगे बढ़ाया जाता है।
इंदौर
24 शिक्षकों को मिला शिक्षक रत्न अवार्ड
- 20 Sep 2022



