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मानस सनातन धर्म - रामकथा : सत्य-प्रेम-करुणा-अहिंसा की रसधारा भारतमंडपम में...

  • 24 Jan 2026

अहिंसा विश्व भारती - विश्व शांति केंद्र मिशन की अध्यक्षता में आयोजित 

सनातन धर्म के प्रवाह का नाम गंगा है।
सनातन धर्म के पर्वत का नाम कैलाश है ।
सनातन धर्म के वृक्ष का नाम अक्षय वट है।
सनातन धर्म के ग्रंथ का नाम वेद है ।
                                                    -बापू


@ डिटेक्टिव ग्रुप रिपोर्ट


मोरारी बापू की  रामकथा  - मानस सनातन धर्म का प्रवाह श्रोताओं को रस और प्रेम में सराबोर कर रहा है।
बापू के श्रीमुख से आध्यात्मिक रसधार  से प्रवाहित “मानस सनातन धर्म” विषयक यह कथा 17 जनवरी 2026 से नित्य प्रातः 10:00 बजे भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में  विश्वशांति और कल्याण को लेकर  मनुष्य में करुणा, सत्य, प्रेम, अहिंसा और नैतिकता का संदेश पुनर्जीवित करती दिखाई देती है।
इस आयोजन में अभी तक समय समय पर आए हुए विशेष अतिथिगण ,कई विशिष्ट महानुभाव, राजनीतिकगण, संतसमाज कथाव्यास के प्रखर,प्रसिद्ध व्यक्तित्वों ने अपनी अपनी सहभागिता की ,उद्बोधन दिया और आशीर्वचन प्रदान किए ।
मोरारी बापू ने अंतर्राष्ट्रीय समुदायों तथा विभिन्न देशों से आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संदेश दिया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाग लिया और अपने एक महीने के वेतन को विश्व शांति मिशन के लिए समर्पित करने की घोषणा की।
सत्य, प्रेम, करुणा ,पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा और अहिंसा के महत्व को दोहराया गया।
सत्य प्रेम करुणा अहिंसा के वास्तविक अर्थों को जीवन में उतारना ही सनातन धर्म है। सनातन धर्म को जीवन की दिशा बताने वाला मार्गदर्शक है ।
बापू ने समझाया कि वैराग्य, त्याग और मर्यादा और प्रेम को समर्पित पुरुषोत्तम भगवान राम का राज्याभिषेक के स्थान पर वनवास  यही सनातन धर्म की परीक्षा है। राम का त्याग कोई पलायन नहीं, बल्कि कर्तव्य के प्रति सर्वोच्च समर्पण है।
माता कैकेयी, दशरथ और राम—तीनों के उदाहरण से यह बताया गया कि धर्म में पीड़ा होती है, पर वही अंततः शांति देता है। नव दिवसीय इस कथा प्रवाह की पूर्णाहुति रविवार 25 जनवरी को भारतमंडपम,नई दिल्ली में होगी ।