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इंदौर

आईडीए की करोड़ों की सम्पति से पैसा कमाने की तैयारी

  • 22 Sep 2022

इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण की शहर में करोड़़ों की सम्पत्ति ऐसी है, जिनके खरीदार नहीं मिल रहे हैं। सम्पतियां महंगी तथा सख्त नियम होने से यह स्थिति निर्मित हुई है। अब ऐसी संपत्तियों से खजाना भरने नियमों को कुछ शिथिल किया जाने की तैयारी चल रही है। नियम में बदलाव हुआ तो बड़े पैमाने पर आईडीए को पैसा मिल सकता है। गरीबों को सस्ते मकान उपलब्ध कराने प्राधिकरण ने स्कीम नंबर 155, स्कीम नंबर 136, 114, 96, 140, 71 में सैकड़ों वन टू और थ्री बीएचके फ्लैट तैयार किए हैं। इनमें से अधिकांश फ्लैट रिक्त पड़े हैं।
फ्लैट निर्माण के समय प्राधिकरण दावा करता है कि इसे खरीदना गरीबों के बूते में रहेगा। जब फ्लैट तैयार हो जाते हैं तो उनकी कीमत वर्तमान गाइड लाइन से तय होती है। गाइड लाइन में कीमत इतनी अधिक रहती है कि गरीब तो ठीक, मध्यमवर्गीय भी खरीदी करने में रुचि नहीं लेता।
आईडीए के फ्लैटों की नीलामी टैंडर प्रक्रिया से होती है। टैंडर निकलने पर खरीदार को फ्लैट की मूल कीमत का 25 प्रतिशत पैसा 15 दिन, शेष 25 प्रतिशत तीन महीने और बची राशि 5 साल में चुकाना पड़ती है। इसके बाद खरीदार सम्पति पर मालिकाना हक जता पाता है। सूत्रों की मानें तो फ्लैट को लेकर वर्तमान में जो पालिसी लागू है, उसे खत्म किया जाएगा। अलग-अलग राशि चुकाने के लिए समयसीमा बढ़ाई जाएगी, जिससे खरीदार को ज्यादा भार नहीं आएगा और सम्पत्ति की बिक्री भी अपेक्षाकृत हो सकेगी।