नई दिल्ली। प्रशांत महासागर में अल नीनो सक्रिय हो गया है। इस बीच मॉनसून की शुरूआत अच्छी नहीं रही है। मॉनसून आगे तो बढ़ रहा है, लेकिन इसकी चाल धीमी है। जून के पंद्रह दिन बीत जाने के बावजूद बारिश में 25 प्रतिशत की कमी है। आने वाले एक हफ्ते में यह कमी और अधिक बढ़ने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार सोमवार को मॉनसून कई दिनों बाद कुछ आगे बढ़ा है। इसने तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार के कुछ हिस्सों को कवर किया। वहीं मुंबई के लोगों को मॉनसून के लिए अभी इंतजार करना होगा। मुंबई में मॉनसून सामान्य तौर पर 11 जून को पहुंचता है। इस बीच सैटेलाइट इमेज की तस्वीरों से पता चल रहा है कि देश के बढ़े हिस्से में मॉनसून की स्थिति काफी कमजोर हैं। मॉनसून का सीजन एक जून से शुरू हो जाता है। इन दो हफ्तो में देश भर में 28 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
इस समय आसमान की ऊपरी सतह पर बहने वाली 'वेस्टरली जेट स्ट्रीम' (पश्चिमी हवाओं का प्रवाह) अपनी सामान्य जगह से बहुत ज्यादा दक्षिण की ओर खिसक आई है। इस बार शक्तिशाली पश्चिमी हवाओं का ऊपरी दबाव बादलों को बनने और टिकने ही नहीं दे रहा है। राहत की एकमात्र बात यह है कि मौसम के पूर्वानुमान मॉडल संकेत दे रहे कि यह संकट स्थाई नहीं है।
15 जून को मानसून आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों तथा तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ गया। 15 जून तक मानसून की उत्तरी सीमा हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है।
साभार नवभारत टाइम्स
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जून के आधे महीने में 25% कम बरसे बदरा; अल नीनो के सक्रिय होने से बढ़ी चिंता
- 16 Jun 2026



