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इंदौर

थोक मंडी में लोकल माल की आवक घटी, सब्जियों के दामों में तेजी

  • 29 Sep 2022

इंदौर। बारिश का दौर खत्म होने के बाद अब सब्जियों की महंगाई चरम पर जाती दिख रही है। देवी अहिल्या बाई होलकर (चोइथराम) थोक मंडी में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। दरअसल मालवा-निमाड़ में बीते दौर की अतिवृष्टी से सब्जियों की फसलें खराब हो चुकी है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर माल की आवक नहीं हो रही। बाहरी सब्जियों पर थोक बाजार निर्भर हो गया है। इससे दामों में जोरदार तेजी देखी जा रही है।
थोक मंडी में स्थानीय यानी इंदौर के आसपास से आने वाले माल में सिर्फ टमाटर, हरी मिर्च और लोकी की आवक ही हुई। टमाटर की मांग भी राजस्थान से निकल रही है ऐसे में इंदौर का टमाटर राजस्थान जा रहा है। टमाटर के दाम बुधवार को थोक मंडी में 600 से 700 रुपये क्रेट रहे। चार गाड़ी टमाटर महाराष्ट्र से पहुंचा लेकिन यह आवक भी दामों में नरमी नहीं ला पा रही है। हरी मिर्च के दाम थोक मंडी में 30 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। इसी तरह लोकी भी 23 से 25 बिक रही है। गुजरात की लोकी 18 से 20 रुपये बिक रही है। खेरची मंडियों में सब्जियों के दाम दोगुने तक हो गए हैं।
बुधवार को थोक बाजार में गिलकी 60 रुपये किलो के दाम पर बिकी। खेरची मंडी में गिलकी के भाव 100 से 120 रुपये किलो बोले जा रहे हैं। गुजरात का बैंगन 18 से 22 रुपये बिक रहा है जबकि स्थानीय बैंगन के दाम 30 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। करेला 35 रुपये किलो थोक मंडी में बिक रहा है। करेला स्टार 35 से 40 रुपये और शिमला मिर्च 40 से 45 रुपये किलो बिकी। थोक कारोबारी और कमीशन एजेंट इमरान राइन के अनुसार आने वाले दिनों में दशहरे बाद ही स्थानीय सब्जियों की आवक शुरू होने की उम्मीद है। उसके बाद ही दामों में थोड़ी नरमी देखी जा सकती है।