इंदौर। पांचवीं-आठवीं कक्षा में पढऩे वाले विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र में भारी गड़बड़ी सामने आई थी। विद्यार्थियों की इन समस्या को लेकर नईदुनिया ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। उसके बाद राज्य शिक्षा केंद्र हरकत में आया और इन छात्र-छात्राओं की समस्या का समाधान करने के लिए दोबारा लिंक खोली। मंगलवार को दिनभर जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय में स्कूल संचालकों की कतार लगी रही, जो विद्यार्थियों के आवेदन में संशोधन करवाने पहुंचे थे। अधिकांश छात्र-छात्राओं के माध्यम को बदल दिया गया, जिसमें अंग्रेजी माध्यम वालों को हिंदी का बताया था। साथ ही प्रवेश पत्र में रोल नंबर भी आवंटित किए गए।
उधर अधिकारियों के मुताबिक, 90 प्रतिशत विद्यार्थियों की समस्या का निराकरण किया गया है। बावजूद इसके लिंक एक दिन ओर खुली रखी है. ताकि परीक्षा से पहले सारे विद्यार्थियों के फार्म की गलतियों को सुधारा जा सके।
25 मार्च से पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षा होने वाली है। संचालन राज्य शिक्षा केंद्र करेगा। प्रदेशभर में 24 लाख छात्र-छात्राएं बैठेंगे, जिसमें इंदौर जिले में 90 हजार विद्यार्थी हैं। 20 प्रतिशत विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ी मिली थी। इसे उनके परीक्षा में बैठने को लेकर सकंट खड़ा हो गया।
शाम तक किया जाता रहा सुधार
गड़बडिय़ां सुधारने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने जिला परियोजना समन्वयक को जिम्मेदारी सौंपी थी। मंगलवार को राजेंद्र नगर स्थित जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय में शाम पांच बजे तक आवेदनों में संशोधन किया गया। अधिकांश निजी स्कूलों में पढऩे वाले इक्का-दुक्का विद्यार्थियों के आवेदन में गलतियां थीं, जिसमें रोल नंबर आवंटित, माध्यम बदलने और समग्र आइडी जोडऩा शामिल था। वहीं कुछ स्कूलों ने अपने विद्यार्थियों का नाम परीक्षार्थियों की सूची में जुड़वाया।
समस्या का निराकरण किया
एक ही स्कूल के विद्यार्थियों को अलग-अलग केंद्र आवंटित होने की समस्या भी सामने आई है। इन्हें भी तुरंत सुधारा गया। जिला परियोजना समन्वयक अक्षय सिंह राठौर ने कहा कि परीक्षा आवेदन व प्रवेश पत्र में संशोधन कार्य किया गया। दिनभर में करीब 100 से 125 स्कूलों ने संपर्क किया। इनके विद्यार्थियों की समस्या का निराकरण कर दिया।
इंदौर
पांचवीं-आठवीं के विद्यार्थियों के परीक्षा माध्यम में सुधार, रोल नंबर भी किए जारी
- 22 Mar 2023



