चर्चित आइपीडीएस में हटाए गए पूर्व अधीक्षण यंत्री कामेश श्रीवास्तव को राहत, चीफ इंजीनियर बनाया।
इंदौर। बिजली कंपनी में हुए चर्चित आइपीडीएस घोटाले में आरोपों का सामना कर रहे अधिकारियों को राहत मिल रही है। एक दिन पहले बिजली कंपनी ने दो अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए। आइपीडीएस की गड़बड़ी सामने आने के बाद हटाए गए शहर के पूर्व अधीक्ष्रण यंत्री कामेश श्रीवास्तव को राहत मिल गई है। श्रीवास्तव को नई जिम्मेदारी देकर बिजली कंपनी में चीफ इंजीनियर बना दिया गया है।
इंदौर के अधीक्षण यंत्री रहे कामेश श्रीवास्तव को मार्च-अप्रैल में आइपीडीएस में गड़बड़ी सामने आने के बाद चार्जशीट दी गई थी। इसी के साथ उन्हें अधीक्षण यंत्री से हटाकर कापोर्रेट आफिस में पदस्थ कर दिया गया था। दो दिन पहले बिजली कंपनी में तबादला आदेश जारी हुआ। सीजीएम रिंकेश कुमार वैश्य के हस्ताक्षर से जारी आदेश से दो अधिकारियों की जगह बदल दी गई। अब तक चीफ इंजीनियर रहे अनिल नेगी को अब वहां से हटाकर कापोर्रेट आफिस में पदस्थ कर दिया गया है। इन्हें विजिलेंस का प्रभार भी दिया गया है। दूसरी ओर कापोर्रेट आफिस में रहे कामेश श्रीवास्तव को मुख्यधारा में लाकर चीफ इंजीनियर बना दिया गया है। इंदौर क्षेत्र के लिए उन्हें कार्यकारी निदेशक की जिम्मेदारी भी दी गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही कामेश श्रीवास्तव के पास कालोनी सेल व तमाम प्रोजेक्ट और विकास कार्यों का जिम्मा आ गया है।
लूपलाइन में भेज रखा था
दरअसल, डेढ़ साल पहले पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में आइपीडीएस घोटाला सामने आने के बाद तमाम अधिकारियों और इंजीनियरों पर आरोप लगे थे। शहर के अधीक्षण यंत्री रहे कामेश श्रीवास्तव को भी चार्जशीट दी गई थी। चार्जशीट देने के बाद श्रीवास्तव को शहर से हटाकर कापोर्रेट कार्यालय भेज दिया गया था। तब से श्रीवास्तव लूपलाइन में थे। अब उन्हें फिर से फील्ड की जिम्मेदारी दे दी गई है। बिजली कंपनी के सूत्रों के अनुसार श्रीवास्तव को अंदरुनी जांच में क्लीन चिट दे दी गई है। हालांकि, कंपनी ने अब तक आइपीडीएस की कोई भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है।
इंदौर
बिजली कंपनी में बदलाव, नेगी को हटाया, श्रीवास्तव को बनाया चीफ इंजीनियर
- 26 Aug 2022



