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इंदौर

बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन को पुलिस ने माना शांति भंग करने की कोशिश, सत्याग्रहियों को नोटिस

  • 27 Sep 2022

इंदौर। बेरोजगारी और सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाएं नहीं होने पर विरोध और सत्याग्रह कर रहे युवाओं को पुलिस ने नोटिस दे दिया है। सहायक पुलिस आयुक्त की ओर से इंदौर में सत्याग्रह पर बैठे युवाओं के प्रतिनिधियों को नोटिस भेजकर थाने में हाजिर होने का आदेश दिया गया है। पांच दिन से भंवरकुआं क्षेत्र के उद्यान के बाहर तमाम युवा भर्ती सत्याग्रह के रूप में धरना दे रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि इससे क्षेत्र में शांति भंग की आशंका है।
सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से कुछ युवाओं के नाम से नोटिस भेजा गया है। रंजीत विक्ट्री, अजय पटेल, सुमित शर्मा, मंजू मालवीय, आकाश गोयल और अभिषेक मलघाया को धारा 111 में नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में लिखा गया है कि भंवरकुआं टीआइ ने इस्तगासा पेश किया है। बेरोजगारी के मुद्दे पर धरना प्रदर्शन कर युवाओं को आक्रोशित किया जा रहा है। इससे शांति भंग होने की आशंका है। इससे आगे लोक शांति भंग होने की आशंका है। युवाओं को थाने पर हाजिर होकर 20 हजार रुपये का बांड भरने का आदेश दिया गया है। बांड भरने के आदेश से पहले नोटिस के जरिए उनसे जवाब मांगा गया है कि वे थाने पर आकर अपना पक्ष रखें कि उनके खिलाफ बांड प्रस्तुत करने की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए?
आंदोलन दबाने की कोशिश
सत्याग्रह पर बैठे युवाओं ने आरोप लगाया है कि सरकार के दबाव में पुलिस और प्रशासन युवाओं के आंदोलन को दबाने की कोशिश में लगा है, जबकि वे शांतिपूर्ण धरना कर रहे हैं। युवा सिर्फ भर्ती परीक्षाओं के आयोजन की मांग कर रहे हैं, इससे शांति भंग बोने या विवाद की स्थिति नहीं है। इससे पहले भी धरना स्थल पर बिजली कनेक्शन काटने की कोशिश की गई थी। युवाओं ने घोषणा की है कि 28 सितंबर के बाद वे भोपाल के लिए कूच करेंगे।उल्लेखनीय है कि भर्ती सत्याग्रह के दौरान रविवार को सैकड़ों युवाओं ने भंवरकुआं से गांधी प्रतिमा तक रैली निकाली थी। इस दौरान सैकड़ों युवाओं का मजमा तिरंगे के साथ गांधी प्रतिमा पर जुटा था।