इंदौर। शहर में इस सीजन लगातार हुई बारिश ने गर्मी से जरूर कुछ राहत तो दिलाई, लेकिन कई बीमारियां होने की आशंका भी बढ़ा दी है। शहर में डेंगू के मामले प्रतिदिन सामने आने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। वहीं, मलेरिया, चिकनगुनिया, गैस्ट्रो के साथ-साथ फंगल इन्फेक्शन, आंखों का संक्रमण, त्वचा का इंफेक्शन, डायरिया, टाइफाइड आदि बीमारी का भी खतरा बढ़ गया है।
एमवाय अस्पताल के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वीके पांडे का कहना है, इस मौसम में बच्चों और बुजुगों का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि बड़ों के मुकाबले बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। मानसून में बुखार एक खास लक्षण है। बुखार दो दिन तक रहे तो डॉक्टर को दिखाएं। मलेरिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बारिश में कई जगह पानी जमा होता है। साफ पानी में डेंगू तो गंदे में मलेरिया के मच्छर पैदा होते हैं, इसलिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। अपने घरों व आसपास पानी जमा होने न दें।
मच्छरों का आतंक, शो पीस बनी निगम की फागिंग मशीनें
बारिश थमने के साथ ही शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे मच्छर जनित बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है। खास बात यह है कि नगर निगम इसको लेकर अभी लापरवाह बना हुआ है। निगम के पास हर जोन पर दो-दो फॉगिंग मशीन हैं, लेकिन वह इसका इस्तेमाल नहीं कर रहा। हालांकि, नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अखलेश उपाध्याय का कहना है, ऐसे स्थानों पर दवा का छिड़काव करा रहे हैं, जहां मच्छर ज्यादा हैं।
डेंगू के 6 नए मरीज मिले, 49 मामले अब तक आए सामने
शहर में जुलाई माह के अंत से डेंगू के मामले सामने आना शुरू हो चुके हैं। हालांकि, पिछले वर्ष से तुलना की जाए तो अब तक काफी कम केस मिले हैं। मंगलवार को फिर 6 नए मामले सामने आए हैं। अब तक कुल 49 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 32 पुरुष, 17 महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी मामले में डेंगू के मरीजों में गंभीर लक्षण सामने नहीं आए हैं।
इंदौर
बारिश के बाद कहर बरपा रहा है डेंगू-मलेरिया, बच्चों का रखें ध्यान
- 29 Sep 2022



