नई दिल्ली। रेलवे में कथित जमीन के बदले नौकरी देने के घोटाले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की चार्जशीट पर लालू, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप, मीसा भारती, हेमा यादव समेत अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। सीबीआई स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने लैंड फॉर जॉब केस के 52 आरोपियों को बरी भी कर दिया है।
रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन लेने के आरोप में लालू परिवार समेत अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के तहत आरोप तय किए गए हैं। अब लालू परिवार के खिलाफ मुकदमा चलेगा। शुक्रवार को दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान लालू एवं राबड़ी को छोड़ अन्य सभी आरोपी सशरीर पेश हुए। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई एवं जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी अदालत पहुंचे।
बता दें कि यह मामला लालू यादव के यूपीए कार्यकाल के दौरान रेल मंत्री रहने के दौरान का है। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर भर्ती के लिए कई लोगों से लालू परिवार के सदस्यों और करीबियों के नाम पर बहुत कम दाम में जमीनें लिखवाई गई थीं। सीबीआई इसके आपराधिक मामले की जांच कर रही है, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से ईडी में अलग से केस चल रहा है।
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कुल 103 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से 5 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। शुक्रवार को अहम फैसले में अदालत ने 52 आरोपियों को बरी कर दिया। अब इनके खिलाफ ट्रायल चलाया जाएगा। इन पर आईपीसी की धारा 120बी, 420 के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप हैं।
साभार लाइव हिन्दुस्तान,
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बड़ी खबर: रेलवे भर्ती घोटाले में लालू परिवार की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट पर मुहर लगाई
- 09 Jan 2026



