इंदौर। एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल से 12 देशों के 32 छात्रों के एक समूह ने जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट आकर, गाँव सनावादिया में आकर सस्टेनेबल लिविंग की पथप्रदर्शक पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से सस्टेनेबल लिविंग प्रत्यक्ष देखा और सीखा । स्कूल की इंटरनेशनलिज्म की डीन श्रीमती निशा अहमद द्वारा भेजी गई एक रिपोर्ट के रूप के अनुसार ये सभी ए फ एस बीपी ग्लोबल स्टेम अकादमियों के छात्र ब्राजील, मिस्र, यूके, यूएसए, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी, मैक्सिको, स्पेन, मोरक्को और भारत से हैं, डॉ जनक मगिलिगन के साथ उनके शुद्ध जैविक फार्म को देखा , जहाँ उन्होंने रासायनिक-आधारित उत्पादों के बजाय उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले सभी पौधों, फलों और फूलों को देखा। उन्हें अपने कपड़े धोने, क्रॉकरी और बर्तन धोने वाले अरीठे का पेड़ (साबुन की तरह ) , अपने बालो को स्वस्थ और मुलायम बनाने वाले गुडहल के फूल दिखाये। वह केवल देशी पौधों को उगाती है जिसमें बिल्कुल कोई मिलावट नही होती है। छात्रों ने एक बड़ा आटोमेटिक सोलर किचन पर दाल पक रही देखी और बाद में पुराने अखबारों, सूखे पत्तों और घास से उनकी खुद की बनी ब्रिकेटिंग मशीन से बना बरसात में खाना बनाने के लिए ईंधन भी दिखाया होती है। फिर उन्होंने वो विभिन्न प्रकार के सोलर कुकरो का प्रदर्शन कर उनकी जानकारी दी जो सोलर कुकरो के निमार्तायों ने उन्हें विश्व भर सोलर कुकरो को प्रचारित प्रसारित करने के लिए सम्मान के रूप भेंट किये जिस में मेक्सिको और जर्मनी भी शामिल है।
इंदौर
विदेशी छात्रों ने पृथ्वी को बेहतर बनाना सीखा
- 02 Aug 2022



