नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. अमेरिकी सेना ने मंगलवार को पहली बार B-1 लांसर लॉन्ग-रेंज बॉम्बर का इस्तेमाल करते हुए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर हमला किया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, 12 दिन पहले जंग दोबारा शुरू होने के बाद यह पहला मौका है जब B-1 बॉम्बर को मिशन पर भेजा गया.
B-1 बॉम्बर अमेरिकी वायुसेना का सबसे ताकतवार बमवर्षक और सबसे भारी बम ले जाने वाला विमान है जो कम ऊंचाई पर आवाज की रफ्तार से भी तेज उड़ सकता है. ये बॉम्बर दो दर्जन 2,000 पाउंड के बम या दर्जनों क्रूज मिसाइलें ले जाने में सक्षम है. ऐसे में इसका इस्तेमाल अमेरिकी अभियान के बड़े विस्तार का संकेत माना जा रहा है. ऑनलाइन प्लेन ट्रैकिंग वेबसाइटों पर इस बॉम्बर की यूके एयरबेस से रवानगी दर्ज की गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, B-1 बॉम्बर ने ब्रिटेन स्थित एयरबेस से उड़ान भरी थी. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने आधिकारिक बयान में B-1 मिशन का जिक्र नहीं किया. उसने केवल इतना कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ऑपरेशन सेंटर, समुद्री क्षमताओं, एयरक्राफ्ट हैंगर, ड्रोन स्टोरेज साइट और सैन्य लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाया, ताकि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता कमजोर की जा सके.
साभार आज तक
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खतरनाक मोड़ पर अमेरिका-ईरान युद्ध: यूके बेस से उड़े B-1 लांसर ने तबाह किए ईरानी सैन्य ठिकाने
- 23 Jul 2026



