नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर मोदी सरकार के मंत्री का इस्तीफा मांगते हुए 26 दिनों तक अनशन करने वाले सोनम वांगचुक ने केंद्र की ओर से उठाए गए कदम पर खुशी जाहिर की है। दिल्ली में आंदोलन के बाद कश्मीर में एक दिन आराम करके लद्दाख लौटते हुए सोनम वांगचुक ने संसद में पेपर लीक के खिलाफ बिल लाए जाने से खुश हैं। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि वादे के मुताबिक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई ना की जाए।
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान अनशन करने वाले सोनम वांगचुक को इस आंदोलन की सफलता का बड़ा सूत्रधार माना जाता है। वांगचुक को जब 18 जुलाई को जंतर-मंतर से उठाया गया तो सहानुभूतिवश भीड़ उमड़ पड़ी और समर्थकों के बिना सूने पड़े आंदोलन में ऐसी जान आई कि केंद्र सरकार को अपने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा। हालांकि, वांगचुक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले अपना अनशन केंद्र सरकार की ओर से कुछ वादे करने के बाद खत्म कर चुके थे।
वांगचुक गुरुग्राम के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन करने पहुंचे और फिर वह अपने घर लौट गए। वांगचुक ने गुरुवार को एक वीडियो शेयर करते हुए बताया कि वह नई दिल्ली से श्रीनगर के लिए शुरू की गई वंदे भारत ट्रेन में पहली बार यात्रा करते हुए कश्मीर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह चिनाब ब्रिज को भी देखना चाहते थे। अपने अनुभव को शानदार बताते हुए वांगचुक ने कहा कि उन्हें भारतीय रेलवे पर गर्व है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान
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NEET पेपर लीक विरोधी आंदोलन की जीत: अनशन खत्म कर लद्दाख लौटे सोनम वांगचुक, बिल लाने पर जताई खुशी
- 30 Jul 2026



