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NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी का बड़ा फैसला: दोषियों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान, शिक्षा सचिव हटाए गए

  • 24 Jul 2026

नई दिल्ली. NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परिक्षाओं में धांधली को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन देश के अलग-अलग राज्यों में भी फैलता जा रहा. भारी विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी ने आक्रामक तेवर अख्तियार कर ऱखा हैं तो बीजेपी के मार्गदर्शन मंडल से मुरली मनोहर जोशी के सख्त संदेश देने के बाद से केंद्र सरकार भी डैमेज कन्ट्रोल में जुट गई है. 
देशभर में जारी छात्रों आक्रोश के बीच केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है. गुरुवार को सुबह पीएम मोदी के मोर्चा संभालने के बाद से लेकर देर रात वीडियो संदेश जारी करने तक केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल से लेकर नए कड़े कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स के गठन तक कई बड़े और निर्णायक कदम उठाए हैं तो सख्त एक्शन का भी ऐलान किया. 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रंटफुट पर उतरने के बाद 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अनशन तोड़ दिया. गुरुवार को सुबह से लेकर पिछले 24 घंटे में सरकार कैसे डैमेज कन्ट्रोल करती नजर आई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रंटफुट पर उतरे और अपने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.  फास्ट ट्रैक कोर्ट का मकसद यह होगा कि पेपर लीक के दोषियों को जल्दी और सख्त सजा मिल सके. मामलों के निपटारे में देरी न हो, इसके लिए यह कदम उठाया जा रहा है.
पीएम मोदी के सख्त रुख के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय और संबंधित विभागों ने मिशन मोड में काम शुरू किया. सरकार ने चार राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान कर दिया गया.   कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया कि दिल्ली, बॉम्बे, कलकत्ता और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट्स के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की तैयारी की जा रही है. इन अदालतों में मामलों की हर रोज सुनवाई होगी. 
मोदी सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे पर  शिक्षा विभाग में बड़े बदलाव और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने से हुई. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया, जबकि विनीत जोशी को पद से हटाकर पंचायती राज विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया. विनीत जोशी को शिक्षा विभाग से हटाकर मोदी सरकार ने छात्रों का सियासी संदेश देने की कवायद की. इसे मोदी सरकार के सख्त एक्शन के तौर पर देखा जा रहा है. 
गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों और देशवासियों को सरकार की रणनीति से अवगत कराया. पीएम मोदी ने कहा कि   मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई छोटी-मोटी बात नहीं है. यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बेहद दुखद है. पेपर लीक के गुनहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में पड़े हैं. हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि विद्यार्थियों का एक वर्ष बर्बाद न हो. तत्काल परीक्षाएं लेना बहुत जरूरी था.
साभार आज तक