नई दिल्ली। देश को 31 मार्च तक नक्सल फ्री करने के अभियान के तहत मंगलवार को नक्सलियों के टॉप-4 लीडरों में नंबर-1 पर देवजी उर्फ तिप्परी थिरूपति (62) और संग्राम उर्फ मल्ला राजी रेड्डी (76) ने अपने दो अन्य वरिष्ठ साथियों के साथ तेलंगाना पुलिस के डीजीपी बी शिवधर रेड्डी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। देवजी और संग्राम 21 फरवरी की देर शाम की तेलंगाना पुलिस के संपर्क में आ गए थे। जिसके बाद मंगलवार को इनका आधिकारिक रूप से सरेंडर हुआ। इसके बाद आने वाले समय में 50 और नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की बात सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस अधिकारी नक्सलियों के इस ग्रुप के संपर्क में हैं। जो एनकाउंटर की जगह जल्द ही आत्मसमर्पण करने को तैयार हो रहे हैं।
तेलंगाना पुलिस के डीजीपी बी शिवधर रेड्डी ने एनबीटी को बताया कि देवजी और संग्राम के अलावा बड़े चोक्का राव उर्फ दामोदर उर्फ जगन और नूने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ नरसिम्हा ने भी सरकार के सामने हथियार डाल दिए। उन्होंने बताया कि देवजी इससे पहले कभी नहीं पकड़ा गया। यह 44 साल से अंडरग्राउंड था।
साभार नवभारत टाइम्स
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नक्सलवाद पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': टॉप-4 कमांडरों का सरेंडर, 44 साल बाद बाहर आया नंबर-1 देवजी
- 25 Feb 2026



