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भारत में 'मैसिव मॉनसून डे': 10 हजार KM लंबी बादलों की पट्टी, 92% देश में भारी बारिश का अलर्ट

  • 27 Jul 2026

भारत में मॉनसून एक बार फिर अपने पूरे जोर में आ गया है। हाल ही में जारी सैटेलाइट तस्वीरों में मॉनसून की बारिश का एक बड़ा दायरा (बेल्ट) दिखाई दिया है, जिसमें बादलों की विशाल पट्टी सात से 10 हजार किलोमीटर (उत्तर भारत से दक्षिण कोरिया तक) तक बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, यह घटना 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सबसे सक्रिय दौर में से एक है, जिसे मैसिव मॉनसून डे करार दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस घटना से भारत के लगभग 88 से 92 फीसदी हिस्से को बादलों ने ढक दिया है। इस सक्रिय मॉनसून के कारण उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में तीव्र बारिश के हालात बन गए हैं।
दरअसल, जुलाई के पहले हफ्ते में देशभर में मॉनसून सक्रिय होने से महाराष्ट्र, दिल्ली समेत कई राज्यों में तेज बारिश हुई थी। लेकिन उसके बाद अचानक सभी बादल गायब हो गए थे। मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई के शुरुआती हफ्तों में मानसून की ट्रफ रेखा खिसककर हिमालय की तराई की ओर चली गई थी, जिससे मैदानी इलाके बारिश से वंचित हो गए। उस वक्त मध्य भारत के ऊपर विपरीत हवाओं का दबाव बना, जिसने हिंद और अरब महासागर से आने वाली नमी हवाओं के प्रवाह को रोक दिया।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार कहा कि बंगाल की खाड़ी में पिछले चार दिनों से एक मजबूत अवदाब विकसित हुआ। इस दबाव ने मानसून ट्रफ को वापस अपने सामान्य स्थान (दक्षिण की ओर) खींचना शुरू किया। इसने एक विशाल वैक्यूम तरह काम करते हुए हिंद महासागर और अरब सागर से प्रचुर मात्रा में नमीयुक्त मानसूनी हवाओं और बादल को आकर्षित किया।
आईएमडी ने बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के अगले 12 घंटे में और मजबूत होने की संभावना जताई है। इससे 26-27 जुलाई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मूसलाधार और अत्यधिक बारिश की संभावना है। साथ ही छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, यूपी में भी तीव्र बारिश का अनुमान है। ओडिशा-बंगाल तटों पर 55 किमी प्रति घंटे रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
साभार लाइव हिन्दुस्तान